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अप्लाई करें…पर ध्यान से – how to apply in US universities

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अनिल जे. जैकब

अमेरिका की किसी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में दाखिला लेने से पहले आपको कुछ तैयारी कर लेनी चाहिए। इसमें सबसे जरूरी है यह जांच लेना कि एप्लिकेशन के प्रोसेस का बेसिक स्टैंडर्ड आपके पास जरूर हो। आगे बढ़ने से पहले इन बातों पर गौर करें –

मान्यता
सबसे पहले यह देख लें कि जिस यूनिवर्सिटी के लिए आप अप्लाई कर रहे हैं,वह काउंसिल फॉर हायर एजुकेशन एक्रेडिएशन यानी सीएचईए (www.chea.org) और यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन (www.ope.ed.gov/accreditation) से मान्यता प्राप्त हो। ऐसा करना जरूरी है, क्योंकि इसी से पता चलता है कि जहां आप पढ़ने जा रहे हो, वहां की फैकल्टी का स्टैंडर्ड कैसा है। कैंपस का इंफ्रास्ट्रक्चर भी इससे तय हो जाता है। पूरी तरह से मान्यता प्राप्त संस्थान में स्टडी से ही आपकी पढ़ाई की कोई वैल्यू होगी। जब आप पढ़कर बाहर निकलते हैं, तो आपको जॉब देने वाला भी यह देखता है कि जिस जगह से आपने पढ़ाई की है, उसकी मान्यता है या नहीं। अगर आपको लगता है कि विदेश जाकर किसी भी संस्थान से डिग्री ले लेंगे और आपको इंडिया में जॉब मिल जाएगी, तो ऐसा सोचना आपकी गलतफहमी है।

चॉइस
पढ़ने के लिए भारत से विदेश जाने वाले स्टूडेंट्स कमर्शल रिक्रूटमेंट एजेंट्स पर निर्भर रहते हैं, जो यूनिवर्सिटियों से सर्विस के बदले कमिशन तय कर लेते हैं। कई बार पता ही नहीं चलता कि ये एजेंट सिर्फ पैसे के चक्कर में आपको किस यूनिवर्सिटी में भेज रहे हैं। इसका मतलब सीधा है कि आपके पास ज्यादा चॉइस नहीं बचती। इसके लिए बेहतर होगा कि पहले आप खुद संस्थान तय करें कि आपको कहां एडमिशन लेना है। आप इस साइट से इस बारे में जानकारी ले सकते हैं। www.collegeboard.com ( अंडरग्रेजुएट स्टडीज के लिए अच्छा सर्च इंजन) www.petersons.com ( पोस्टग्रेजुएट स्टडीज के लिए)

ऑप्शन से जरूरतों का मिलान
अगर आप किसी एजेंट की सर्विस ले रहे हैं तो इन बातों पर जरूर ध्यान दें। आपकी एजुकेशन और करियर की जरूरतें क्या हैं? यूएसए में 4000 मान्यता प्राप्त इंस्टिट्यूट हैं जो हायर एजुकेशन देते हैं। आपके पास चॉइस की कोई कमी नहीं है। जो चॉइस आपके सर्विस एजेंट ने दी हैं, उन्हें अपनी जरूरतों के अनुसार परखें। अगर वह आपकी जरूरतें पूरी नहीं कर रही हैं, तो उन इंस्टिट्यूट में जाने का कोई लॉजिक नहीं है। एक और जरूरी बात। अमेरिकी यूनिवर्सिटियां ऑनर कोड के सिद्धांत पर काम करती हैं। इसलिए यह देखें कि आपके सर्विस एजेंट ने आपसे ऐप्लिकेशन लिखने या एडमिशन ऐसे लिखने के लिए कहा है या नहीं। अगर आपने यह ऐसे या निबंध किसी और से लिखवाया है तो आप अपने एडमिशन प्रोसेस को खतरे में डाल सकते हैं। अपने नाम पर किसी और से करवाए गए काम को अमेरिका में तवज्जो नहीं दी जाती। SAT, TOEFL, GRE या GMAT जैसे स्टैंडर्ड के टेस्ट बहुत हाई होते हैं। लेकिन कई संस्थानों में इनकी जरूरत नहीं भी होती है। यहां तक कि अमेरिकन एंबेसी भी अक्सर इसके लिए आपसे नहीं पूछती। कई एजेंट इन्हें गैर जरूरी बताते हैं। लेकिन फिर भी आपको यह देखना है कि आप नॉन-अकैडमिक कोर्स के लिए अप्लाई कर रहे हैं या नहीं। अलग-अलग कोर्स पर डिपेंड करता है कि आपसे क्या मांगा जाता है। इन्हें यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से चेक कर लेना चाहिए।

प्रफेशनल कोर्स
अगर आप अमेरिकन एमबीए के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो तय कर लें कि आपका संस्थान अमेरिकन असोसिएशन फॉर कॉलेजिएट स्कूल ऑफ बिजनेस (www.aacsb.edu) से मान्यता प्राप्त हो। डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन की वेबसाइट पर भी वह होना चाहिए। इसी तरह बाकी प्रफेशंस की अपनी मान्यताएं हैं। इन्हें चेक करना जरूरी है।

(लेखक नई दिल्ली के यूनाइटेड स्टेट्स इंडिया एजुकेशनल फाउंडेशन के सीनियर एजुकेशन यूएसए एडवाइजर हैं)

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