MUMBAI

एटीएस ने सुलझाई मनसुख मर्डर मिस्ट्री: bjp mla will lodge fir against anil deshmukh:अतुल भातखलकर गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएंगे।

हाइलाइट्स:

  • बीजेपी ने उठाया एटीएस की जांच पर सवाल
  • बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने कहा एटीएस ने वझे के राजनीतिक आकाओं को बचाने का प्रयास किया
  • इस मामले में सिर्फ सचिन वझे ही आरोपी नहीं हो सकता है
  • अतुल भातखलकर गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएंगे

मुंबई
मनसुख हत्या मामले को महाराष्ट्र एटीएस (ATS) ने भले ही हल कर लिया है। एटीएस ने इसका श्रेय लेकर अपनी पीठ भी थपथपा ली हो। लेकिन यह भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह मामला उसी समय क्यों सॉल्व हुआ जब जांच एनआईए के पास जाने वाली थी। हालांकि राज्य में पुलिस विभाग को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं उसको देखते हुए यह मामला स्थानीय पुलिस द्वारा समय पर सॉल्व होना जरूरी भी था। वरना एक और मामले में पुलिस विभाग पर उंगलियां उठायीं जाती।

मामले की जांच करेगी एनआईए
मनसुख मर्डर केस एटीएस ने सॉल्व कर दिया है। इसमें दो आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। बावजूद इसके अभी कई कड़ियां खुलनी बाकी हैं। जिन्हें जिसके लिए इस मामले की जांच अब एनआईए करेगी। शायद इसी वजह से मुंबई पुलिस ने एटीएस ने इस मामले में तेज गति से काम कर इस मामले को सुलझाने में सफलता हासिल की है।

नेताओं को बचाने का प्रयास
बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने आरोप लगाया है कि एटीएस ने जिस तरह से मनसुख मर्डर मामले में सचिन वझे को मोहरा बनाया है उसे साफ जाहिर होता है कि सारा आरोप सचिन वझे पर लगाकर उसके राजनीतिक आकाओं को बचाने का प्रयास एटीएस ने किया है।

मनसुख ने जिम्मेदारी लेने से मना किया था
सचिन वझे ने एंटीलिया विस्फोटक मामले की जिम्मेदारी लेने की बात मनसुख (Mansukh Hiren) से कही थी जिसे मनसुख ने मना कर दिया था। यहां पर दो थ्योरी सामने आई थी पहले थ्योरी के मुताबिक सचिन वझे इसे एक टेरर केस बताकर ट्रैक करने वाले थे और सुपर हीरो बनने की के सपने देख रहे थे। या फिर कुछ पुलिस अधिकारियों और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ मिलकर प्राइवेट सिक्योरिटी फर्म में जुड़ना चाहते थे। जिसे एक कारपोरेट के द्वारा लांच किया जा रहा था।

राज खुलने के डर से मनसुख की हत्या
सचिन वझे (Sachin Waze) ने मनसुख की हत्या इसलिए भी करवाई क्योंकि उसे डर था कि कहीं मनसुख दबाव में आकर इस राज का भंडाफोड़ ना कर दे। मनसुख को मारने का प्लान 2 मार्च को बना था जब वझे और उसके दोनों सहयोगियों की मीटिंग क्राफर्ड मार्केट के पास पुलिस हेड क्वार्टर में हुई थी। यह वही दिन था जब वजह ने मनसुख से कहा था कि वह एक लेटर ड्राफ्ट करें । जिसमें यह लिखे कि उसपर पुलिस और मीडिया का दबाव बढ़ रहा है।

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