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ग्लोबलाइजेशन की एजुकेशन! – goblization and you course in US university

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ग्लोबलाइजेशन… बीते दशक-दो दशक से यह शब्द हम लोगों के जेहन में पूरी तरह रच बस गया है। इकॉनमी का शायद ही कोई क्षेत्र ऐसा हो जहां इसका प्रभाव न पड़ा हो, लेकिन ग्लोबलाइजेशन खासकर बाजार-बेस्ड ग्लोबलाइजेशन का आप, आपकी पसंद और आपके नजरिये पर क्या और कितना असर पड़ा है, उसकी डीटेल स्टडी के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन के पास बेहतरीन कोर्स है। उसका नाम है – ग्लोबलाइजेशन ऐंड यू

इस कोर्स में बताया जाता है कि ग्लोबलाइजेशन यानी भूमंडलीकरण के बाद जब बिजनेस ने भौगोलिक सीमाएं तोड़ीं और देशों के बीच फ्री ट्रेड अग्रीमेंट यानी मुक्त व्यापार समझौते हुए तो उनका मार्केट और बाजार आधारित अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा। प्राइवेटाइजेशन ने क्या इंपैक्ट डाला। इन सब प्रभावों ने आगे चलकर इंसान और उसके रहनसहन पर क्या बदलाव हुए। जैसे कि एजुकेशन को किस तरह इनवेस्टमेंट के तौर पर देखा गया। आउटसोर्सिंग कैसे वजूद में आई और आगे चलकर किस तरह इस सेक्टर ने प्रॉफिट-मेकिंग कंपनियों की लाइन खड़ी कर दी।

10 हफ्तों के इस कोर्स में मोटा-मोटी माइक्रो और मैक्रो इकॉनमी को मापने के अलग-अलग मानकों के जरिए ग्लोबलाइजेशन के प्रभावों की स्टडी की जाती है। इसमें जहां बॉन्ड रिस्क रेटिंग को देखा जाता है, वहीं बाजार को आंकने वाले फीको स्कोर को गहराई से समझा जाता है। उदाहरण के तौर पर पर्सनलाइज्ड मेडिसिन और ऑनलाइन मैपिंग जैसे सिस्टम पर भी बारीक नजर रखी जाती है। इस कोर्स में किसी बाजार या कई क्षेत्रों की भौगोलिक और भौतिक विषमताओं को एक स्तर पर लाकर लोगों पर पड़ने वाले या भविष्य में पड़ सकने वाले तरह-तरह के आर्थिक प्रभावों के अनुमान लगाए जाते हैं।

ग्लोबलाइजेशन की वजह से लोगों के नजरिये में किस तरह के सामाजिक और आर्थिक बदलाव आएं हैं, उनकी भी इस कोर्स में बारीक स्टडी की जाती है। इस कोर्स का मकसद लोगों को इतना सक्षम बना देना है कि वे आगे चलकर ग्लोबलाइजेशन पर चल रही हर तरह की बहसों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले सकें। इस कोर्स में ऐप्लिकेंट कुछ अहम शब्दावलियों से न सिर्फ रूबरू होंगे, बल्कि इन पर बाकायदा डिबेट भी करेंगे। ग्लोबलाइजेशन के अलावा ऐसे शब्दों में महत्वपूर्ण हैं इंटरडिपेंडेंसी यानी परस्पर निर्भरता, डिस्कॉर्स (तर्क), कैपिटलिज़म यानी पूंजीवाद, नव-उदारवाद, वैल्यू, फाइनेंसलाइजेशन, सामंजस्य, प्रतियोगिता, गवर्नंस, सरकारी नजरिया, सत्ता, नागरिकता, पसंद, जवाबदेही, विदेशी अंत:क्षेत्र, जियो-पॉलिटिक्स, बायो-पॉलिटिक्स, बायो-कैपिटल और ग्लोबल हेल्थ।

इस कोर्स का मकसद डिबेट, विडियो लेक्चर्स, डिस्कशंस, क्विज व असाइनमेंट्स के जरिए स्टूडेंट को इतना सक्षम बना देना है कि वह इस बात का आकलन कर सके कि ग्लोबलाइजेशन के बाद और मजबूत हुई बाजार की ताकतों का उसकी और किसी क्षेत्र विशेष के लोगों की जिंदगी पर क्या असर पड़ा है।

कोर्स: ग्लोबलाइजेशन ऐंड यू
ड्यूरेशन: 10 हफ्ते
वेब लिंक: https://www.coursera.org/course/globalization
यूनिवर्सिटी का नाम: यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन

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