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DELHI

धुआं-धुआं हो गया पटाखों पर बैन! – smoke-bogged fire on crackers!

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पटाखे बेचने पर सुप्रीम कोर्ट की पाबंदी के बाद दिल्लीवालों को उम्मीद थी कि इस बार दिवाली पर राजधानी की हवा में कम जहर घुलेगा। यही वजह थी कि शुक्रवार अल सुबह से ही टि्वटर पर CrackerBanHitOrMiss जैसे ट्रेंड टॉप में थे। यकीनन खुलेआम पटाखे नहीं बिक पाने की वजह से दिल्ली की हवा में यकीनन जहर कम घुला। लेकिन अगर सामान्य के मुकाबले बात करें, तो दिवाली पर दिल्ली में पलूशन का लेवल 24 गुना ज्यादा हो गया। सेंट्रल पलूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 319 था, जो ‘काफी खराब’ स्थिति है, जबकि पिछले साल यह इंडेक्स 431 पर पहुंच गया था। इस बार पलूशन का स्तर इतना खराब था, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। दिल्ली-एनसीआर के लोगों को यह दिक्कत अगले 24 घंटे या उससे भी ज्यादा समय तक हो सकती है।

सिलेब्रिटीज ने जताई चिंता

दिल्ली में पटाखे बिकने पर बैन की वजह से हर किसी की नजर इस बात पर थी कि इसका क्या असर होगा। फिल्म डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट करके पूछा, ‘ दिल्ली पटाखों पर बैन का कुछ असर हुआ क्या? या यह सिर्फ कहने के लिए था? मैंने मुंबई में तमाम जवान बच्चों को पटाखे खरीदते देखा है।’ वहीं जानी-मानी राइटर शोभा डे ने भी पटाखे बैन के बाद पटाखे चलने पर चिंता जताई। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मरीन ड्राइव पर खूब पटाखे चलने से शोर और धुआं हो रहा है। आखिर पटाखों पर बैन का कुछ असर हुआ क्या?’ वहीं सोहा अली खान ने दिवाली पर पलूशन को लेकर चिंता जताने वालों को निशाने पर लिया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘क्या हम लोग बाकी दिनों में भी पलूशन से लड़ने के लिए उतने ही उत्साहित रह सकते हैं, जितने कि हम दिवाली पर होते हैं?’

आम लोग भी रहे बेहाल

दिल्ली-एनसीआर में पटाखे बेचना बैन होने के बावजूद दिल्लीवालों के इतने पटाखे चलाने से खुद यहां के बाशिंदे भी हलकान नजर आए। शुक्रवार सुबह ही राजधानी में धुंध छाई नजर आ रही थी। मोहित ने ट्वीट किया, ‘दिवाली के बाद दिल्लीवाले ताजी हवा को तरस रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के पटाखे बेचने पर बैन के बावजूद राजधानी में पलूशन को लेवल 24 गुना बढ़ गया।’ वहीं आलोक तिवारी ने दिल्लीवालों पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, ‘आज दिल्ली में हर कोई पर्यावरण मीटर के साथ पर्यावरणविद बन गया है। कल ये सब लोग एसयूवी में बैठकर ऑफिस जाएंगे और वहां एसी चलाएंगे।’ जबकि आदित्य झा ने ट्वीट किया, ‘पटाखों पर बैन धुआं-धुआं हो गया #delhipollution #Diwali’ जबकि नीलकांत ने ट्वीट किया, ‘ऐसा लग रहा है कि दिल्लीवाले पटाखे बेचने पर बैन की वजह से और ज्यादा पटाखे चला रहे हैं।’ वहीं बोलोन ने सबसे पहले दिल्लीवालों की मानसिकता बदलने की जरूरत बताई। उन्होंने ट्वीट किया, ‘हमें पटाखों पर बैन लगाने से पहले अपना माइंडसेट चेंज करने की जरूरत है।’

#बॉक्स#

कैसे नापते हैं पलूशन

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एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) अगर 0-50 हो तो इसे अच्छी स्थिति मानी जाती है, 50-100 हो तो इसे संतोषजनक कहा जा सकता है। हालांकि इसके आगे AQI बढ़कर अगर 101-150 के आंकड़े को छूता है तो इससे सामान्य लोगों को तो नहीं पर बीमार खास तौर से बुजुर्ग व सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ सकती है। 151 से 200 पहुंचने पर यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। 201-300 का स्तर काफी खतरनाक होता है। 300 से ऊपर AQI पहुंचने पर यह इमर्जेंसी की स्थिति बन जाती है और सरकार एवं एजेंसियों की ओर से प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए कदम उठाने पड़ते हैं।

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