MUMBAI

पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आरोप: fadnavis says will demand cbi probe for transfer racket: अनिल देशमुख ने 15 से 28 फरवरी के बीच कई लोगों से मुलाकात की है

हाइलाइट्स:

  • देवेंद्र फडणवीस ने कहा शरद पवार से जानबूझकर झूठ बुलवाया गया है
  • फडणवीस बोले कि शरद पवार को कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए गलत जानकारियां दी गई
  • अनिल देशमुख ने 15 से 28 फरवरी के बीच कई लोगों से मुलाकात की है
  • पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर रैकेट में कई बड़े अधिकारियों और नेताओं के नाम शामिल हैं जिसके लिए सीबीआई जांच की मांग करूंगा

मुंबई
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अनिल देशमुख को लेकर शरद पवार के तमाम दावोंं को गलत बताते हुए खारिज कर दिया है। फडणवीस ने कहा कि शरद पवार के दावे से ऐसा लगता है कि अनिल देशमुख 15 फरवरी को प्राइवेट जेट से नागपुर से मुंबई आ गए थेे। जबकि पुलिस मेनिफेस्ट के अनुसार अनिल देशमुख 17 फरवरी को दोपहर 3 बजे सहयाद्री गेस्ट हाउस जाने वाले थे और 24 फरवरी के दिन 11 बजे मंत्रालय जाने वाले थे।

फडणवीस से कहा कि परमबीर सिंह के पत्र में एसीपी संजय पाटिल ने कहा है कि वह गृह मंत्री अनिल देशमुख से फरवरी के अंत में मिले हैं। मेरी जानकारी के अनुसार 15 से 28 फरवरी के बीच अनिल देशमुख कई अधिकारियों से मिले थे। वह होम आइसोलेशन में नहीं थे। इसका मतलब यह है कि राष्ट्रीय स्तर के नेता शरद पवार को गलत जानकारी दी गई है और उनसे गलत बातें कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहलवाई गई।

पुलिस ट्रांसफर रैकेट का खेल
फडणवीस ने कहा कि साल 2017 में मुझे इस बात की जानकारी मिली थी कि मुंबई के किसी होटल में पुलिस ट्रांसफर का रैकेट चल रहा है। मैंने कुछ पुलिस अधिकारियों को बुलाकर एक ऑपरेशन प्लान करवाया और कार्रवाई कर सभी को गिरफ्तार किया। उसी प्रकार पुलिस अधिकारी रश्मि शुक्ला को भी एक ऐसे ही रैकेट का इंटेलिजेंस मिला था। उन्होंने एसीएस होम से इजाजत ली और कॉल इंटरसेप्ट करना शुरू किया था। इसमें कई बड़े नाम सामने आए थे। पर उसने कहा के सबूत के तौर पर उनके पास 6 जीबी का एक डेटा भी मौजूद है। जिसमें रिपोर्ट के साथ-साथ इंटरसेप्टेड कॉल्स की जानकारी भी है।

ऑपेरशन पर उठे सवाल
फडणवीस में कहा कि 25 अगस्त 2020 को कमिश्नर ऑफ़ इंटेलिजेंस ने इस रिपोर्ट को डीजीपी को सौंपा था। 26 तारीख को डीजीपी ने एसीएस सीताराम कुंटे को यह रिपोर्ट फॉरवर्ड की थी और कहा था कि यह पूरा मामला सीएम के संज्ञान में लाया जाए और उचित कार्रवाई भी की जाए। थाना केस के बाद इंटेलिजेंस कमिश्नर रश्मि शुक्ला का तबादला कर दिया गया। उनके डीजी पोस्ट के प्रमोशन को भी दरकिनार करते हुए सीनियारिटी के बावजूद उन्हें जूनियर पोस्ट डीजी सिविल डिफेंस पर ट्रांसफर किया गया। जिसके लिए कैबिनेट की मंजूरी भी नहीं ली गई बल्कि उनसे यह पूछा गया कि उन्हें इस ऑपरेशन को करने का अधिकार किसने दिया।

सीबीआई जांच की मांग

फडणवीस ने कहा कि जो भी सबूत मेरे पास है वह बड़े ही संवेदनशील हैं। इसमें कई बड़े अधिकारी और पॉलीटिशियंस के नाम शामिल हैं। यह अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकार में आते हैं। उनकी कस्टोडियन केंद्र सरकार है। इसलिए मैं दिल्ली में होम सेक्रेटरी से मिलकर उन्हें तमाम जानकारी दूंगा और इस मामले की सीबीआई जांच हो यह मांग भी करूंगा।

देशमुख ने दी सफाई
फ्लाइट टिकट के वायरल होने के बाद अनिल देशमुख ने इस पर सफाई दी है देशमुख ने कहा है कि 15 फरवरी को वह अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद एक निजी विमान के जरिए मुंबई होम आइसोलेशन के लिए आ गए थे। उन्होंने बताया कि मैं 27 फरवरी तक होम आइसोलेशन में थे। देशमुख ने बताया कि इस दौरान के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई कार्यक्रमों में भी शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि 28 तारीख को होम आइसोलेशन के बाद पहली बार वे अपने सरकारी कामों के लिए घर से बाहर निकले थे इस दौरान कुछ अधिकारी भी शासकीय काम के लिए उनसे मिलने आते थे।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: