DELHI

delhi violence caa protest: दिल्ली दंगा: वाट्सऐप ग्रुप ‘कट्टर…’ से जुड़े आरोपी की जमानत कोर्ट ने नामंजूर की – delhi violence karkardooma court reject bail plea of accused associated with whatsapp group

हाइलाइट्स:

  • वॉट्सऐपग्रुप से जुड़े आरोपी की जमानत कोर्ट ने नामंजूर की
  • दंगों के दौरान बने वॉट्सऐप ग्रुप को उसी वक्त डिलीट भी कर दिया गया था
  • साल 2020 में फरवरी महीने के दौरान दिल्ली मे ंहुए थे दंगे

नई दिल्ली
नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में पिछले साल फरवरी में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या के मामले में आरोपी को जमानत देने से कड़कड़डूमा कोर्ट ने इनकार कर दिया। आरोपी का ताल्लुक उस वाट्सऐप ग्रुप से बताया जा रहा है, जो दंगों के दौरान बना और तभी डिलीट भी कर दिया गया।

अडिशनल सेशन जज विनोद यादव ने अंकित चौधरी उर्फ फौजी की नियमित जमानत अर्जी खारिज की। उन्होंने कहा- सीसीटीवी फुटेज न सही, पर अदालत कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की अनदेखी नहीं कर सकती, जो आरोपी के मौका-ए-वारदात पर होने की गवाही दे रही है। इसे नकारने के लिए आवेदक की ओर से कोई ठोस वजह भी नहीं दी गई। अदालत ने माना कि सहआरोपियों समेत यह शख्स भी उस ‘कट्टर…’ वाट्सऐप से जुड़ा था जो समुदाय विशेष से जुड़े लोगों को एकजुट करने के मकसद से बनाया गया।

नॉर्थ ईस्ट ने सांप्रदायिक उन्माद की वजह से जो दिन देखे वह बंटवारे के वक्त मची मार-काट के दिनों की याद दिलाते हैं। दिल्ली दंगे एक ग्लोबल पावर बनने के इच्छुक राष्ट्र की अंतररात्मा में गंभीर घाव है और आवेदक के खिलाफ आरोप बहुत ही गंभीर प्रकृति के हैं।

सेशन जज

उस ग्रुप पर सदस्यों के बीच हुई बातचीत के बारे में अदालत ने कहा कि वह बहुत ही सांप्रदायिक कट्टरता और एक खास समुदाय के लोगों के खिलाफ नफरत और दुश्मनी से भरी है। आरोपी के बारे में अदालत ने कहा कि हो सकता है कि वह उस ग्रुप का हिस्सा न हो, लेकिन उसने खुद सहआरोपिययों के संपर्क में होने की बात मानी है, अब यह इत्तेफाक था या कुछ और, फिलहाल तय नहीं किया जा सकता। मृतक की मौत से पहले उसकी लोकेशन और घटना के वक्त आवेदक की लोकेशन एक ही पाई गई। इन टिप्पणियों के साथ अदालत ने आरोपी की मांग ठुकरा दी। अदालत ने कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि आवेदक स्पॉट पर मौजूद था और एक समुदाय विशेष के खिलाफ लोगों को उकसा रहा था, जो उसके कहने पर किसी की भी जान ले सकते थे।

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चौधरी ने गोकलपुरी थाने में दंगा-फसाद, हत्या, आपराधिक साजिश, सबूत नष्ट करने के अपराधों के लिए दर्ज मामले में जमानत मांगी थी। केस भागीरथी विहार नाले के पास मिले एक अज्ञात शव से जुड़ा है। लाश बुरे हाल में थी। अस्पताल में मृतक के परिजनों ने शव की पहचान भूरे अली उर्फ सलमान के रूप में की थी।

Delhi-Riots

फाइल फोटो

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