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INDIA

EAM S Jaishankar Says India Does Not Need Certificate From Other Countries – भारतीय लोकतंत्र की विदेशी रेटिंग्‍स पर जयशंकर की दो टूक, हमें दूसरों के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं

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हाइलाइट्स:

  • ‘फ्रीडम हाउस’ और ‘वी-डेमोक्रेसी’ ने जताई थी भारतीय लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता
  • विदेश मंत्री ने ऐसी रिपोर्ट्स को बताया ‘पाखंड’, कहा- इनके पेट में दर्द होता है
  • बोले जयशंकर- खुद को दुनिया का कस्‍टोडियन समझते हैं ये, खुद बनाते हैं नियम
  • EAM ने दो टूक कहा- मुझे दूसरे देशों से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है

नई दिल्‍ली
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उन विदेशी रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज किया है जिनमें भारत के लोकतंत्र को ‘कमजोर’ होते बताया गया है। पिछले दिनों अमेरिकी संस्था ‘फ्रीडम हाउस’ के बाद अब स्वीडिश संस्था ‘वी-डेमोक्रेसी’ ने भी भारत में लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता जताई थी। जयशंकर ने कहा कि ‘ये पाखंड है।’

उन्‍होंने न्‍यूज चैनल इंडिया टुडे के कार्यक्रम में कहा कि ‘ये खुद को दुनिया का स्‍वनियुक्ति कस्‍टोडियन समझते हैं… इनके पेट में इस बात से दर्द होता है कि भारत में कोई उनके अप्रूवल की चाह नहीं रखता, वो उनके बनाए तरीकों से खेल नहीं खेलना चाहता… इसलिए वे अपने हिसाब से नियम बनाते हैं… अपने पैमाने तय करते हैं और अपने फैसले सुना देते हैं… जताते ऐसे हैं जैसे कि ये कोई वैश्विक कवायद हो।”

बताएं उन देशों ने कितनी वैक्‍सीन दीं? : जयशंकर
एस जयशंकर ने कहा, “वो बीजेपी को हिन्‍दू नैशनलिस्‍ट पार्टी बताते हैं… हम राष्‍ट्रवादी लोगों ने 70 देशों को (कोरोना) वैक्‍सीन दी हैं। बताइए उन्‍होंने कितनी वैक्‍सीन दी हैं? इनमें से किन देशों ने कहा कि हम अपने लोगों को टीका तो दे ही रहे हैं, साथ ही दूसरे देशों के लोगों को भी देंगे क्‍योंकि उन्‍हें भी जरूरत है। ये तो तब कहां चले जाते हैं। कहते हैं कि हम अपनी सोच की वजह से सिविल राइट्स को दबा रहे हैं…. अब इन जगहों की राजनीति देखिए। इस देश (भारत) में, कोई चुनाव पर सवाल नहीं उठाता। क्‍या आप ऐसा ही उन देशों के बारे में कह सकते हैं?”

हमारे यहां सबकी आस्‍थाएं, मूल्‍य हैं और अलग-अलग राय हैं लेकिन हम अपने हाथ में कोई धार्मिक पुस्‍तक लेकर पद की शपथ नहीं लेते हैं… अंदाजा लगाइए कि कौन सा देश ऐसा करता है… मुझे अपने देश के बारे में भरोसा है, मुझे बाहर से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है, निश्चित तौर पर उन लोगों से नहीं जिनके अपने एजेंडे हैं।

एस जयशंकर, विदेश मंत्री

चीन के साथ जैसे को तैसा का व्‍यवहार करेंगे
जयशंकर ने कहा कि चीन के साथ विवाद अभी सुलझना बाकी है, बातचीत चल रही है। उन्‍होंने कहा कि हमने 2020 में जिस तरह चीन का मुकाबला किया, वैसा करना पांच साल पहले संभव नहीं था। उन्‍होंने कहा, ‘हमने पिछले पांच साल में बेसिक इन्‍फ्रास्‍ट्रक्चर को मजबूत किया है।’ विदेश मंत्री ने दोहराया कि चीन के साथ रिश्‍ते तभी सामान्‍य रह सकते हैं कि जब बॉर्डर पर शांति हो। उन्‍होंने कहा कि “चीन जब दोस्‍ती का हाथ बढ़ाएगा तो हम भी दोस्‍ती का हाथ बढ़ाएंगे लेकिन अगर वो बंदूक आगे करेंगे तो हम भी उसी अंदाज में जवाब देंगे।”

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चीन को लेकर QUAD पर असर नहीं
विदेश मंत्री ने QUAD यानी भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्‍ट्रेलिया की मीटिंग को चीन से जोड़कर देखने से इनकार किया। उन्‍होंने कहा कि यह QUAD किसी के खिलाफ नहीं है, इसका नजरिया सकरात्‍मक है। उन्‍होंने कहा कि कई सारे मुद्दे ऐसे हैं जिनपर हम एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि चीन के साथ तनाव कम होने का QUAD के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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