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Gorakhpur news: Gorakhpur news: 13 साल का दर्द लिए हुए……लॉकडाउन में किए 8 से 10 घंटे की ड्यूटी – lockdown one year complete latest story amo gorakhpur

प्रकाशिनी मणि त्रिपाठी, गोरखपुर
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच बीते वर्ष सरकार आज से एक वर्ष पहले देश में लॉकडाउन की घोषणा की थी। यह लॉकडाउन कोरोना पर ही नहीं लगा बल्कि सैकड़ों जिंदगियों को भी प्रभावित किया। खुद तकलीफ में होने के बाबजूद भी कोरोना वॉरियर्स के रूप में डॉक्टर्स निरन्तर कोविड पेशेंट की जांच करते रहे। आज हम एक ऐसे ही डॉक्टर की बात कर रहे हैं, जो 13 वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझने के बाद भी कोविड काल में 8 से 10 घण्टे ड्यूटी में लगे रहे।

स्पाइन, सर्वाइकल जैसे बीमारी से पीड़ित
गोरखपुर सीएमओ ऑफिस में कार्यरत AMO राजेश चौबे ने NBT ऑनलाइन से बताया कि 2007 में अचानक तबीयत बिगड़ने पर पता चला कि उन्हें स्पाइन,सर्वाइकल, यूरीन और लंग्स की बीमारी है। जिसकी वजह से वह खड़े नही हो पा रहे थे। दिल्ली मुंबई के बड़े डॉक्टर्स को दिखाए लेकिन ऑपरेशन का खतरा होने की वजह से दवा के सहारे इतने सालों से बीमारी के ठीक होने का इंतज़ार कर रहे हैं।

बेड में ही युरिनल फिट किया गया। चलने फिरने में असमर्थता होती थी जिसकी वजह से बीच में व्हील चेयर भी लग गया था। इन सब के बावजूद भी इन्होंने कोविड टाइम में 8 से 10 घंटे अपनी ड्यूटी की । इस बीच कोरोना पॉजिटिव भी हुए। बीच बीच में तबियत भी खराब हुआ लेकिन कभी छुट्टी नही लिया।

घर की भी बढ़ गई थी जिम्मेदारियां
मूल रूप से महराजगंज के फरेंदा के निवासी राजेश ने बताया कि कोरोना के समय कोविड में ड्यूटी लगे रहने की वजह से फैमिली महराजगंज चली गई थी। यहां 8 से 10 घंटे ड्यूटी करने के बाद घर पर खुद खाना बनाना और तमाम जिम्मेदारियां भी सामने आ गई।

अपनी बीमारी के साथ लॉकडाउन के उस पल को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि अस्वस्थ होने के बाद भी कोविड में ड्यूटी लगने से भाग दौड़ करना पड़ता था। कई बार तो ऐसा हुआ कि इंजेक्शन लगाकर खड़े रहते थे। ईश्वर से बस यही प्रार्थना है कि दोबारा वह समय न आए।

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